माँ पार्वती को क्यों अपने लिए व्यक्तिगत गण कि आवश्यकता पङी ? , जानने के लिए पढें--- माँ पार्वती के बारे में सभी जानते हैं. उनके नौ रूप, विभिन्न अवतार, शिव- पार्वती विवाह, शंकर - पार्वती का आपसी प्रेम, माँ पार्वती के साथ गणेश और कार्तिकेय, भगवान शिव ने माँ पार्वती को धर्म और मोक्ष के रहस्य बताए, देवी माँ पार्वती के 108 नाम [ जैसे उमा, गौरी, दुर्गा, सती, भवानी, भद्राकाली, चामुंडा, चद्रघंटा, माहेश्वरी, लक्ष्मी, नारायणी, महिषासुरमर्दिनी, शाम्भवी, वैष्णवी आदि ], के बारे में तो बहुत सारी कथाएँ प्रचलित हैं. लेकिन शायद ही आपको पता हो कि माँ पार्वती को क्यों अपने लिए व्यक्तिगत गण कि आवश्यकता पङी … माँ पार्वती और उनका व्यक्तिगत गण भगवती पार्वती की दो सखियाँ थीं, जया और विजया . वे दोनों अत्यन्त रूपवती , गुणवती , विवेकमयी और मधुरहासिनी थीं . पार्वतीजी उनसे बहुत आदर और प्रेम सहित व्यवहार करती थीं. एक दिन उन सखियों ने पार्वतीजी से कुछ झिझकते हुए कहा...